कोडरमा। झारखंड के इस जिले में लगातार बढ़ रहे जंगली हाथियों के आतंक ने फिर दो जान ले ली हैं। बुधवार रात, कोडरमा नगर पंचायत क्षेत्र के मरियमपुर और बोनाकाली इलाकों में हाथियों के झुंड ने इतना उत्पात मचाया कि इलाके की हवा में दहशत की गूंज बन गई। रात करीब 8 बजे मरियमपुर के पास एक महिला मनिया बिरहोरीन को हाथी ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हाथी यहां से आगे बढ़ता हुआ बोनाकाली महिला कॉलेज के पास पहुंचा, जहां खेत में रखवाली कर रहे 40 वर्षीय बालेश्वर सोरेन को भी दबा दिया गया और उनकी यहीं मौत हो गई।
दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उनकी कार्रवाई लोगों के लिए नाकाफी साबित हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग के पास हाथियों को दूर खदेड़ने के लिए न तो पर्याप्त टीम है और न ही आधुनिक उपकरण। एक टॉर्च और शोर के सहारे हाथियों को डराने की कोशिश की गई, जो बेअसर रही। ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी मरियमपुर से सटे जंगलों में एक हाथी और बागीटांड घाटी के जंगलों में हाथियों का झुंड छिपा हुआ है, जो किसी भी वक्त फिर से बस्तियों में घुस सकता है।
वन विभाग के रेंजर राम बाबू ने बताया कि टीम लगातार हाथियों को लोकेट करने और जंगल की तरफ खदेड़ने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन इसमें समय लग रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये के मुआवजे का प्रावधान है, जिसमें अभी तक हर मृतक के लिए 25 हजार रुपये की राशि दी जा चुकी है। इस घटना से पूरे कोडरमा जिला मुख्यालय के आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है, लोग रात को घर से बाहर निकलने से ही परहेज कर रहे हैं। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि वन विभाग तुरंत बड़ी टीम के साथ कार्रवाई करे, ताकि और जानें न जाएं।

