हजारीबाग, दस्तावेज नवीस संघ की हड़ताल समाप्त हो गई है, जिससे निबंधन कार्यालय में कामकाज फिर से सामान्य होने का रास्ता साफ हो गया।
संघ के सदस्य 5 अगस्त से हड़ताल पर थे। उनकी मांग थी कि निबंधन प्रक्रिया में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर किया जाए। विधायक प्रदीप प्रसाद की पहल पर 21 अगस्त को निबंधन पदाधिकारियों और संघ के अध्यक्ष‑सचिव के बीच वार्ता हुई। वार्ता में सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
दस्तावेज नवीस संघ की हड़ताल समाप्त: मुख्य निर्णय
वार्ता के बाद निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- एलपीसी की अनिवार्यता खत्म – अब जमीन या संपत्ति के निबंधन के लिए एलपीसी देना अनिवार्य नहीं होगा।
- खतियान की छायाप्रति मान्य – मूल खतियान के स्थान पर उसकी छायाप्रति के आधार पर भी दस्तावेज निबंधित किए जा सकेंगे।
- वंशावली सत्यापन – दस्तावेज निष्पादन के लिए किसी जनप्रतिनिधि से वंशावली का सत्यापन कराना आवश्यक होगा।
- रजिस्टर‑2 में रैयत का नाम और खाता संख्या अनिवार्य रहेगा, जबकि प्लॉट नंबर की अनिवार्यता नहीं होगी।
- फर्जीवाड़े पर सख्ती – फर्जी कागजात का इस्तेमाल पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अभिलेखागार नियमित खुला – निबंधन कार्यालय का अभिलेखागार अब नियमित रूप से खुला रहेगा, जिससे पुराने अभिलेखों के लिए लोगों को चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
ये बदलाव झारखंड सरकार की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुरूप हैं। आम नागरिकों को निबंधन में होने वाली परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी।
संघ के अध्यक्ष ने कहा, “यह समझौता जनहित में है और हम आगे भी पारदर्शी प्रक्रिया के लिए प्रयासरत रहेंगे।” संबंधित खबर भी पढ़ें।
नई व्यवस्था का असर
निबंधन कार्यालय में कामकाज सामान्य होने से आम लोगों को समय और धन की बचत होगी। पहले एलपीसी बनवाने में कई दिन लगते थे, अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और सरल हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था 1 सितंबर से पूरी तरह लागू होगी। तब तक सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।



