पत्थल गड्डा (चतरा): नावाडीह के पत्थल गड्डा प्रखंड अंतर्गत बाजोंबार गांव में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब ग्रामीणों को गांव के ही एक होनहार और शांत स्वभाव के युवक करण कुमार (उम्र लगभग 22 वर्ष) के आकस्मिक निधन की खबर मिली। मृतक करण कुमार, स्थानीय निवासी धनुकी प्रसाद का पुत्र था, जो रांची में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
माता-पिता के संघर्षों का था एकमात्र सहारा
बताया जाता है कि करण पढ़ाई में बेहद होनहार और शांत स्वभाव का था। उसने हजारीबाग से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी और इसके बाद रांची से बीएससी (B.Sc) करने के बाद सामान्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में जुटा था। बेटे को एक अधिकारी या सफल इंसान बनते देखने की चाह में उसके पिता धनुकी प्रसाद मुंबई में रहकर मजदूरी करते थे, वहीं उसकी मां दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर बेटे की पढ़ाई के लिए पैसे जुटाती थी। करण अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था और पूरे परिवार की उम्मीदें उसी पर टिकी थीं।
बंद कमरे में मिला शव
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर से ही करण का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था। अनहोनी की आशंका के बीच, रात में मकान मालिक के माध्यम से परिजनों को सूचना मिली कि करण के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद है और आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। सूचना मिलते ही परिजन आनन-फानन में रांची पहुंचे। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर करण का शव कमरे में फंदे से लटकता हुआ पाया गया। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जांच का विषय और अंतिम संस्कार
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से पोस्टमार्टम व अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद, करण का पार्थिव शरीर शनिवार को उसके पैतृक गांव बाजों बार लाया जा रहा है। परिजनों के अनुसार, आज शाम को स्थानीय बुध नदी श्मशान घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
एक होनहार छात्र द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के पीछे क्या कारण थे, या इसके पीछे की असल वजह क्या है, यह पूरी तरह से जांच का विषय है। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने की मांग की है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। इस दुखद घड़ी में पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह असह्य दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना कर रहा है।
