
रामगढ़। दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में नेमरा गांव में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। जिस ऐतिहासिक स्थान से उन्होंने सामाजिक एवं जनआंदोलन की शुरुआत की थी, उसी स्थल को प्रतिमा स्थापना के लिए चिह्नित किया गया है। प्रतिमा स्थापना के लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसे झारखंड आंदोलन के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यभर से जुटेंगे नेता, कार्यकर्ता और समर्थक
दिशोम गुरु की पहली पुण्यतिथि पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समर्थकों के नेमरा पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम में दिशोम गुरु के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी। दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य आंदोलन को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आदिवासियों, मूलवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में चले आंदोलनों ने अलग झारखंड राज्य के निर्माण की नींव मजबूत की। यही कारण है कि आज भी उन्हें झारखंड की राजनीति और सामाजिक चेतना के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। उनकी पहली पुण्यतिथि पर नेमरा में आयोजित कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व का माना जा रहा है।
दिशोम गुरु की पहली पुण्यतिथि पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समर्थकों के नेमरा पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम में दिशोम गुरु के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी। दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य आंदोलन को जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आदिवासियों, मूलवासियों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में चले आंदोलनों ने अलग झारखंड राज्य के निर्माण की नींव मजबूत की। यही कारण है कि आज भी उन्हें झारखंड की राजनीति और सामाजिक चेतना के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। उनकी पहली पुण्यतिथि पर नेमरा में आयोजित कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व का माना जा रहा है।



