सिमडेगा: झारखंड जूनियर महिला हॉकी टीम ने महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर राष्ट्रीय महिला हॉकी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया है। 13 से 23 अगस्त 2026 तक चली इस प्रतियोगिता में टीम ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पदक जीतने के बाद बुधवार को खिलाड़ी अपने राज्य लौटे, जहां सिमडेगा जिले की कई खिलाड़ी भी शामिल थीं।
पुणे चैंपियनशिप में झारखंड जूनियर महिला हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन
पुणे के मैदान पर झारखंड की युवा खिलाड़ियों ने हर मुकाबले में जज्बा दिखाया। टीम ने लीग चरण से लेकर सेमीफाइनल तक विरोधियों को कड़ी टक्कर दी। फाइनल में भले ही स्वर्ण पदक न मिल सका, लेकिन रजत पदक अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इस सफलता ने झारखंड हॉकी का मान बढ़ाया है।
सिमडेगा में पारंपरिक रीति-रिवाज से हुआ स्वागत
अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, सिमडेगा में हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों ने रजत पदक विजेताओं का भव्य स्वागत किया। खिलाड़ियों को बुके देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार हाथ धुलाकर, तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। इस अवसर पर टीम मैनेजर सह एनआईएस हॉकी कोच दिव्या डुंगडुंग के साथ सिमडेगा की खिलाड़ी रीना कुल्लू, अनीशा कुल्लू, एस्टर होरो, सोनाली तिर्की, अनुप्रिया सोरेंग और जमुना कुमारी उपस्थित थीं।
टीम मैनेजर दिव्या डुंगडुंग ने साझा किया अनुभव
दिव्या डुंगडुंग ने कहा कि एनआईएस की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद हॉकी झारखंड ने मुझे टीम की जिम्मेदारी दी, जिसके लिए मैं आभारी हूं। यह मेरा पहला टूर था और टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए रजत पदक प्राप्त किया। सभी खिलाड़ियों ने मित्रवत व्यवहार रखा। उन्होंने स्वागत करने वालों के प्रति भी आभार जताया।
हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने सराहा प्रयास
मनोज कोनबेगी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में टीम निर्णायक क्षणों में दबाव में आ जाती थी, लेकिन इस बार परिपक्वता दिखाई। कई मुकाबलों में पिछड़ने के बावजूद खिलाड़ियों ने अंतिम क्षणों तक संघर्ष किया और वापसी की। पेनल्टी शूटआउट में मुकाबले जीतकर फाइनल तक पहुंची। यह आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती दर्शाता है। उन्होंने कोचिंग स्टाफ और मैनेजर की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
विशेष प्रशिक्षण शिविर का दिखा सकारात्मक असर
हॉकी झारखंड की ओर से 1 से 12 अगस्त तक रांची में झारखंड सरकार खेल विभाग के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इसी शिविर का नतीजा रजत पदक के रूप में सामने आया। मनोज कोनबेगी ने पूरी टीम, कोच, मैनेजर, सहयोगी स्टाफ और सिमडेगा की खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्वागत समारोह में हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारी पैंक्रेसियस टोप्पो, कमलेश्वर मांझी, कोच तारिणी कुमारी, रोहित बेसरा, प्रवीण परवार सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं खेलप्रेमी उपस्थित थे। इस जीत ने एक बार फिर साबित किया कि झारखंड हॉकी की नई पीढ़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। अधिक जानकारी के लिए हॉकी इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

