धनबाद: डीसीए अंपायरिंग वर्कशाप शुक्रवार को रणधीर वर्मा स्टेडियम स्थित डीसीए कार्यालय में शुरू हुआ। तीन दिवसीय इस कार्यशाला का उद्घाटन धनबाद क्रिकेट संघ के महासचिव विनय कुमार सिंह, जेएससीए के कार्यकारिणी सदस्य उत्तम विश्वास, उपाध्यक्ष सह अंपायरिंग कमेटी के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह, उपाध्यक्ष शांतनु चौधरी, स्कोरिंग कमेटी के सुनील कुमार, अरविंद महता तथा पूर्व क्रिकेटर मनोरंजन सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
डीसीए अंपायरिंग वर्कशाप का उद्देश्य और महत्व
महासचिव विनय कुमार सिंह ने कार्यशाला के आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि अंपायरिंग और स्कोरिंग के क्षेत्र में करियर की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) की ओर से अंपायरिंग का सेमिनार आयोजित होने वाला है। हमारी कोशिश है कि उस सेमिनार में धनबाद के अधिक से अधिक अंपायर सफल हों। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्कशाप का आयोजन किया गया है।
विनय कुमार सिंह ने आगे कहा कि क्रिकेट के नियमों और उपनियमों की गहरी समझ अंपायरिंग के लिए अनिवार्य है। इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ सैद्धांतिक आधार भी मजबूत करने का अवसर मिलेगा।
प्रशिक्षण की रूपरेखा और विशेषज्ञ
कार्यशाला में लगभग 25 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। स्टेट पैनल के अंपायर नीरज पाठक और ओमप्रकाश राय क्रिकेट के कानून (लॉ) और उपनियमों (बाईलाज) की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं। वहीं स्कोरिंग के गुर सिखाने का जिम्मा दीपक कुमार और ज्ञान रंजन संभाल रहे हैं। दोनों विशेषज्ञ प्रतिभागियों को स्कोरशीट भरने, डकवर्थ-लुईस नियम, इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग सिस्टम आदि के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दे रहे हैं।
नीरज पाठक ने पहले सत्र में क्रिकेट के 42 नियमों में हुए हालिया बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नो बॉल, वाइड बॉल, डीआरएस प्रोटोकॉल और खिलाड़ियों के व्यवहार संबंधी नए दिशानिर्देशों को समझाया। ओमप्रकाश राय ने स्थानीय टूर्नामेंटों में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की।
जेएससीए सेमिनार की तैयारी पर फोकस
उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जेएससीए का आगामी अंपायरिंग सेमिनार राज्य स्तर पर अंपायरों की ग्रेडिंग के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसमें सफल होने वाले अंपायरों को स्टेट पैनल में शामिल होने का मौका मिलेगा। धनबाद से पिछले वर्षों में कम संख्या में अंपायर इस परीक्षा को पास कर पाए थे। इस बार स्थिति बदलने के लिए संघ ने पूर्व तैयारी शुरू की है।
शांतनु चौधरी ने कहा कि स्कोरिंग भी अंपायरिंग जितना ही महत्वपूर्ण है। आधुनिक क्रिकेट में सटीक स्कोरिंग मैच के परिणाम और आंकड़ों की विश्वसनीयता तय करती है। इसलिए स्कोरिंग सत्र को भी समान महत्व दिया गया है।
प्रतिभागियों की संख्या और परीक्षा
कार्यशाला में भाग ले रहे 25 प्रतिभागियों में नए उम्मीदवारों के साथ-साथ कुछ अनुभवी अंपायर भी शामिल हैं जो अपने ज्ञान को अद्यतन करना चाहते हैं। कार्यशाला के अंतिम दिन एक लिखित और व्यावहारिक परीक्षा ली जाएगी। इस परीक्षा के आधार पर प्रतिभागियों की ग्रेडिंग की जाएगी और जेएससीए सेमिनार के लिए अनुशंसा की जाएगी।
पूर्व क्रिकेटर मनोरंजन सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि अंपायरिंग खिलाड़ी बनने से अलग एक चुनौतीपूर्ण और सम्मानजनक करियर विकल्प है। उन्होंने अपने खेल अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैदान पर अंपायर के फैसले मैच की दिशा बदल देते हैं, इसलिए निष्पक्षता और नियमों की पकड़ जरूरी है।
धनबाद में क्रिकेट ढांचे का विकास
धनबाद क्रिकेट संघ लंबे समय से जमीनी स्तर पर क्रिकेट ढांचे को मजबूत करने में लगा है। रणधीर वर्मा स्टेडियम में सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ अंपायर, स्कोरर, क्यूरेटर और कोच जैसे सहायक स्टाफ के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक कदम है।
जेएससीए के कार्यकारिणी सदस्य उत्तम विश्वास ने संघ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिला स्तर पर ऐसी पहल से राज्य की क्रिकेट व्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जेएससीए धनबाद को हर संभव तकनीकी सहयोग देगा।
कार्यशाला के आयोजन में डीसीए के संयुक्त सचिव बाल शंकर झा, कोषाध्यक्ष ललित जगनानी और अन्य पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के लिए भोजन और अध्ययन सामग्री की व्यवस्था संघ की ओर से की गई है।
क्रिकेट प्रशासन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अंपायरिंग और स्कोरिंग जैसे तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन विकसित करना किसी भी राज्य संघ के लिए दीर्घकालिक निवेश है। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन की वेबसाइट पर आगामी सेमिनार और पंजीकरण संबंधी जानकारी उपलब्ध है।

