इस्लामाबाद: बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सेना पर दो बड़े हमले करने का दावा किया है। इन हमलों में कुल 25 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों के मारे जाने और सेना के तीन वाहनों के नष्ट होने की बात कही गई है। संगठन ने इन हमलों को पाकिस्तानी सेना के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई बताया है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने जारी किया हमले का वीडियो
पहले हमले की जानकारी देते हुए बीएलए के प्रवक्ता ने बताया कि उनके लड़ाकों ने जियारत क्रॉस के पास एक सैन्य काफिले को निशाना बनाया। इस हमले में सैन्य वाहनों को प्रत्यक्ष रूप से निशाना बनाया गया, जिससे दो वाहन पूरी तरह से नष्ट हो गए, जिनमें एक सैन्य ट्रक भी शामिल था। शुरुआत में, बीएलए ने इस हमले में 18 सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा किया था, लेकिन बाद में उसने मृतकों की संख्या बढ़ाकर 25 कर दी। संगठन ने इस हमले से जुड़ा एक मिनट 11 सेकंड का वीडियो ट्रेलर भी जारी किया है।
जारी किए गए फुटेज में कथित तौर पर जलते हुए पाकिस्तानी सैन्य वाहनों के पास हथियारबंद लड़ाके दिखाई दे रहे हैं, और मौके पर शव तथा हथियार भी होने का दावा किया गया है। बीएलए का कहना है कि वह बाद में इस हमले का पूरा वीडियो फुटेज जारी करेगा, जो उनकी कार्रवाई का प्रमाण होगा। इस वीडियो के सामने आने के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है।
दूसरा हमला सुराब के हाजीका इलाके में हुआ
दूसरे हमले के बारे में बीएलए के बयान के अनुसार, यह सुराब के हाजीका इलाके में किया गया। इस हमले को संगठन की स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड ने अंजाम दिया, जिसमें विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी को दूर से विस्फोट कर दिया गया। बीएलए का दावा है कि इस हमले में एक सैन्य वाहन नष्ट हो गया और सात सैन्यकर्मी मारे गए। इन दोनों हमलों में कुल 25 सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा बीएलए की ओर से किया गया है, जो अगर सही साबित होता है तो पाकिस्तानी सेना के लिए एक बड़ा झटका होगा।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी लंबे समय से बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाती रही है। संगठन बलूचिस्तान की आजादी की मांग करता है और पाकिस्तानी सेना पर संसाधनों के दोहन और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाता है। पाकिस्तान सरकार बीएलए को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुकी है।
पाकिस्तानी सेना ने पहले किया था 21 आतंकियों को मारने का दावा
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को दावा किया था कि उसने बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच हुई दो अलग-अलग झड़पों में कम से कम 21 आतंकवादियों को मार गिराया था। सेना के एक बयान में कहा गया था कि ये घटनाएं सोमवार रात चगाई जिले के नोकचा और पिशिन जिले के जियारत चौराहे पर हुईं।
इन झड़पों में सुरक्षा बल के पांच जवान और सीमा शुल्क विभाग का एक अधिकारी भी मारा गया था। सेना ने यह भी कहा था कि उसकी प्रभावी जवाबी कार्रवाई में फितना-अल- खवारिज से जुड़े 21 आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तानी सेना के इस दावे के कुछ दिन बाद ही बीएलए ने इन दो बड़े हमलों की जिम्मेदारी लेकर पलटवार किया है।
बलूचिस्तान प्रांत पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे कम विकसित प्रांत है। यहां लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बल और बलूच विद्रोही गुटों के बीच आए दिन झड़पें होती रहती हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भी इस क्षेत्र में मानवाधिकार उल्लंघन की रिपोर्ट देते रहे हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी इस क्षेत्र में सक्रिय सबसे प्रमुख सशस्त्र संगठनों में से एक है।
इन ताजा हमलों के बाद बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तानी सेना ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से बीएलए के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में हिंसा और बढ़ सकती है।

