नई दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर बिन इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने इस वर्ष फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हुई महत्वपूर्ण मुलाकात
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का भारत आगमन पर हार्दिक स्वागत किया। इस बैठक को दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में मलेशिया की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच एकजुटता को दर्शाता है।
द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा
भारत और मलेशिया के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी संयुक्त बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, बुनियादी ढांचा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, वित्तीय प्रौद्योगिकी, शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की गहन समीक्षा की। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा बनाने तथा नई संभावनाओं को तलाशने पर सहमति जताई। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सबाह में भारतीय महावाणिज्य दूतावास की स्थापना पर सहमति
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा में प्रधानमंत्री इब्राहिम ने सबाह के कोटा किनाबालु में भारत का महावाणिज्य दूतावास स्थापित किए जाने पर मलेशिया सरकार की पूर्ण सहमति की जानकारी दी। यह कदम दोनों देशों के बीच राजनयिक पहुंच को और मजबूत करेगा तथा पूर्वी मलेशिया क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों एवं व्यवसायों को बेहतर कांसुलर सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। इस निर्णय से दोनों देशों के बीच लोगों का आपसी संपर्क और बढ़ेगा।
भारत-आसियान संबंधों को मजबूती प्रदान करना
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-आसियान संबंधों को मजबूत करने में मलेशिया के निरंतर सहयोग और रचनात्मक भूमिका की सराहना की। मलेशिया आसियान का एक महत्वपूर्ण सदस्य देश है और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में इसकी अहम भूमिका रही है। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षीय मंचों पर बेहतर समन्वय जैसे विषय शामिल हैं।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता
बैठक के समापन पर दोनों पक्षों ने भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत, गतिशील और परिणामोन्मुखी बनाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। यह साझेदारी साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, परस्पर सम्मान, अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता और समान हितों पर आधारित है। दोनों नेताओं ने उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को नियमित रूप से जारी रखने और विभिन्न संस्थागत तंत्रों के माध्यम से व्यावहारिक सहयोग को गति देने पर सहमति व्यक्त की।
ऐतिहासिक संबंधों की मजबूत नींव
भारत और मलेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से द्विपक्षीय सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी की इस वर्ष फरवरी में हुई मलेशिया यात्रा ने इस साझेदारी को नई गति दी थी और आज की बैठक उसी कड़ी को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। अधिक जानकारी के लिए विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

