टोक्यो: भारतीय महिला क्रिकेट टीम एशियाई खेल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत करने के लिए जापान पहुंच गई है। टीम ने हांगझोउ में 2023 में जीते स्वर्ण पदक को बरकरार रखने के इरादे से तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने जापान पहुंचने के बाद टीम की तैयारियों और बहु-खेल आयोजन के माहौल को लेकर उत्साह जताया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तैयारियां और कोच अमोल मजूमदार का बयान
मुख्य कोच अमोल मजूमदार अपने सहयोगी स्टाफ के कुछ सदस्यों के साथ सुबह जापान पहुंचे। क्रांति गौड़ और श्री चरणी समेत कुछ खिलाड़ी भी कोचिंग स्टाफ के साथ पहुंचीं, जबकि टीम की अन्य सदस्य बाद में जापान पहुंचने वाली थीं। कोच ने बताया कि टीम को आवास से जुड़ी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। मजूमदार के मुताबिक, गेम्स विलेज में अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों के साथ समय बिताना और एक बड़े बहु-खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना टीम के लिए खास अनुभव होगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी एशियाई खेलों के अनुभव का आनंद लेने के लिए उत्सुक हैं।
श्री चरणी पर रहेंगी नजरें
भारतीय टीम मौजूदा समय में अच्छी फॉर्म में है। हाल ही में संपन्न टी20 एशिया कप में बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 12 विकेट हासिल किए थे। 22 वर्षीय श्री चरणी ने अपने प्रदर्शन के दम पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में केवल 30 मैचों में 50 विकेट पूरे करने की उपलब्धि भी हासिल की है। एशियाई खेलों में भारतीय टीम को उनसे एक बार फिर प्रभावी प्रदर्शन की उम्मीद होगी। उनके अलावा टीम की बल्लेबाजी क्रम भी मजबूत दिखाई दे रही है, जिससे विपक्षी टीमों के लिए चुनौती बढ़ गई है।
मुकाबलों का कार्यक्रम और प्रारूप
भारत अपने अभियान की शुरुआत 18 सितंबर को मेजबान जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले से करेगा। यह मैच निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा। महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में इस बार आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं और मुकाबले सीधे क्वार्टर फाइनल चरण से शुरू होंगे। ऐसे में भारतीय टीम को शुरुआत से ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी भारतीय टीम अब अपने खिताब का बचाव करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। बहु-खेल आयोजन का दबाव अलग होता है, लेकिन टीम का हालिया फॉर्म आत्मविश्वास देता है।
पिछला प्रदर्शन और उम्मीदें
हांगझोउ 2023 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था। उस जीत ने देश में महिला क्रिकेट को नई पहचान दी। अब जापान की धरती पर वही कारनामा दोहराने की चुनौती है। कोच अमोल मजूमदार का अनुभव और युवा खिलाड़ियों का जोश टीम की ताकत है। एशियाई खेल जैसे बड़े मंच पर दबाव को झेलना और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होता, लेकिन भारतीय टीम ने पिछले कुछ वर्षों में दबाव में खेलने की कला सीखी है।
टीम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि हर मैच को फाइनल की तरह लेना होगा। क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा क्योंकि घरेलू दर्शकों के सामने वे उलटफेर कर सकते हैं। हालांकि, भारतीय टीम की गेंदबाजी आक्रमण, विशेषकर स्पिन विभाग, किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने में सक्षम है। श्री चरणी के अलावा अन्य गेंदबाज भी फॉर्म में हैं। बल्लेबाजी में शीर्ष क्रम को अच्छी शुरुआत देनी होगी ताकि मध्य क्रम खुलकर खेल सके।
निष्कर्ष
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए यह टूर्नामेंट अपनी श्रेष्ठता साबित करने का एक और अवसर है। स्वर्ण पदक बचाना न केवल टीम के लिए गर्व की बात होगी, बल्कि इससे महिला क्रिकेट को देश में और बढ़ावा मिलेगा। सभी की निगाहें 18 सितंबर को होने वाले पहले मुकाबले पर टिकी हैं। कोच और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बता रहा है कि टीम पूरी तरह तैयार है। देशवासियों को एक बार फिर स्वर्णिम सफलता की उम्मीद है।

