रांची: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत’ संकल्प से प्रेरित होकर रांची मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसके तहत फैटी लिवर रोग की समय पर पहचान, रोकथाम और उपचार की व्यापक व्यवस्था की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल की जानकारी मंगलवार को रांची सदर अस्पताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने दी।
रांची मॉडल के तहत चार स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था
श्री संजय सेठ ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। इसी उद्देश्य के साथ रांची मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसमें बीमारी के उपचार के साथ-साथ उसकी रोकथाम और समय पर पहचान पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो अब धरातल पर उतरने वाला है। यह पूरा अभियान लीवर रोग विशेषज्ञ डॉ. एस. के. सरीन के मार्गदर्शन में सदर अस्पताल, रांची तथा इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (ILBS), नई दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
गांव से विशेषज्ञ संस्थान तक पहुंच
इस मॉडल के तहत सामुदायिक स्तर से लेकर जिला एवं उच्च चिकित्सा संस्थानों तक चार स्तरीय जांच एवं उपचार व्यवस्था विकसित की जाएगी। पहले स्तर पर आशा एवं एएनएम के माध्यम से प्रारंभिक जांच होगी। एबीसीडी जोखिम स्कोर के माध्यम से उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी। प्राथमिक स्तर पर जीवनशैली एवं पोषण संबंधी परामर्श दिया जाएगा, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में फाइब्रोस्कैन, उपचार एवं फॉलोअप की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों तक उचित समय पर पहुंचाना और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना है।
मोबाइल वैन से 500 स्थानों पर पहुंचेगी जांच सुविधा
इस पहल के तहत अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस दो विशेष वाहनों के माध्यम से डॉक्टरों की देखरेख में लोगों तक जांच और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। इन दोनों अत्याधुनिक वाहनों की कुल लागत लगभग 3 करोड़ रुपये है और दोनों वाहन रांची पहुंच चुके हैं। इन मोबाइल चिकित्सा वाहनों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक फैटी लिवर की जांच, जोखिम की पहचान तथा आवश्यक चिकित्सा परामर्श पहुंचाने में मदद मिलेगी। परियोजना के तहत 500 स्थानों पर मोबाइल वैन का भ्रमण कराने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान का शुभारंभ शीघ्र किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के. सरीन तथा झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।
युवाओं को जोड़ने के लिए स्माइल्स और वाई-स्माइल्स पहल
युवाओं को इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाने के लिए ‘स्माइल्स’ और ‘वाई-स्माइल्स’ पहल के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस पहल के तहत लगभग 40 कॉलेजों के 50,000 विद्यार्थी और लगभग 60 स्कूलों के 50,000 विद्यार्थी इससे जुड़ेंगे। युवाओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय पर स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
1.20 लाख लोगों की जांच और 1000 स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण
परियोजना के तहत व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य जांच और जागरूकता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित लक्ष्य रखे गए हैं:
- 1,20,000 लोगों की जांच
- 18 प्रखंड एवं अनुमंडल स्तरीय क्लीनिक
- 1,000 स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण
- 500 स्थानों पर मोबाइल वैन का भ्रमण
- लगभग 25,000 उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान
- लगभग 20,000 फैटी लिवर मामलों का प्रारंभिक निदान
परियोजना की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति के साथ आवश्यक सुधार भी समय पर सुनिश्चित किए जा सकें। फैटी लिवर रोग के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया पर पढ़ सकते हैं।
रोकथाम और जागरूकता पर विशेष जोर
श्री संजय सेठ ने कहा कि ‘रांची मॉडल’ केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य बीमारी के जोखिम को समय रहते पहचानना, लोगों को आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत’ के संकल्प को धरातल पर मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पतालों तक सीमित न रहें, बल्कि जांच, परामर्श और जागरूकता की सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें। आज के इस प्रेस वार्ता में सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ विमलेश सिंह, डीपीएम प्रवीण सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

