रांची: झारखंड में येलो अलर्ट सोमवार को मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया है, जिसके अनुसार राज्य के विभिन्न हिस्सों में 18 सितंबर तक गरज के साथ हल्की बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
झारखंड में येलो अलर्ट: मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे गुजरात के क्षेत्र तथा दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे संबंधित मौसम प्रणाली धीरे-धीरे देश के दक्षिणी हिस्से की ओर बढ़ रही है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में झारखंड में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। विभाग ने इस अवधि के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
पिछले 24 घंटों का मौसम विवरण
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक 55.2 मिलीमीटर बारिश दुमका के महारो में दर्ज की गई। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में राज्य का सबसे अधिक तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, लातेहार में न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ये आंकड़े मौसम विभाग के आधिकारिक बुलेटिन पर आधारित हैं।
राजधानी रांची समेत प्रमुख शहरों का तापमान
रांची और आसपास के इलाकों में सोमवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई। राजधानी में सोमवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:
- जमशेदपुर: अधिकतम 33.6, न्यूनतम 25.6 डिग्री सेल्सियस
- डाल्टनगंज: अधिकतम 32.2, न्यूनतम 25.1 डिग्री सेल्सियस
- बोकारो: अधिकतम 32.1, न्यूनतम 26.1 डिग्री सेल्सियस
- चाईबासा: अधिकतम 33.4, न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस
सावधानी बरतने की अपील
विभाग ने बारिश के दौरान गरज और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खुले स्थानों पर जाने से बचें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम की अद्यतन जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर जाएं।
आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली की गति पर नजर रखी जा रही है। यदि निम्न दबाव का क्षेत्र और मजबूत होता है तो बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।
