“भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स अब दिल्ली से बाहर निकलकर देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत गुजरात से होगी।”
भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स’ को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। सात दशकों से अधिक समय से दिल्ली में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम अब अपने दायरे का विस्तार करेगा। मंत्रालय ने तय किया है कि भविष्य में इन पुरस्कारों का आयोजन देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों में किया जाएगा, ताकि सिनेमाई संस्कृति को पूरे देश में समान रूप से प्रसारित किया जा सके।
इस नई पहल की शुरुआत इसी साल गुजरात से होने जा रही है। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का भव्य समारोह 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति विजेताओं को पुरस्कृत करेंगी। एकता नगर का चुनाव देश की विविधता को एक सूत्र में पिरोने के सरकारी संकल्प को दर्शाता है, जहाँ देशभर के फिल्मी सितारे और तकनीकी कलाकार एक साथ जुटेंगे।
वर्ष 1954 में अपनी शुरुआत के बाद से, नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स ने भारतीय सिनेमा के विकास में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। ये पुरस्कार न केवल फीचर और गैर-फीचर फिल्मों को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि सिनेमा पर केंद्रित बेहतरीन लेखन और तकनीकी योगदान को भी वैश्विक पहचान दिलाते हैं। यह मंच भारतीय भाषाओं, संस्कृति और क्षेत्रीय कला को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम रहा है।
सरकार का मानना है कि समारोह को अलग-अलग राज्यों तक ले जाने का निर्णय देश की क्षेत्रीय विविधता को सिनेमा के माध्यम से करीब लाने की एक अनूठी कोशिश है। इस बदलाव से अब नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की चमक केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत का हर कोना इस प्रतिष्ठित फिल्मी उत्सव का गवाह बनेगा। यह कदम देशभर की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और सिनेमा के प्रति लगाव बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

