मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के कार्य के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कंठाल चौराहा से छत्रीचौक मार्ग पर स्थित 150 साल से अधिक पुरानी ‘खड़े हनुमान’ की प्रतिमा को शिफ्ट करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रशासन की घंटों की मेहनत के बाद भी प्रतिमा अपनी जगह से टस से मस नहीं हुई। नगर निगम की टीम गुरुवार रात से ही इस अभियान में जुटी थी।
नगर निगम के कर्मचारियों ने प्रतिमा को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए उसे विशेष रूप से पॉलीथिन से पैक किया था ताकि इसे सुरक्षित दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सके। हालांकि, कड़ी मशक्कत के बावजूद सफलता नहीं मिली और अंततः प्रशासन को प्रतिमा की पैकिंग खोलनी पड़ी। फिलहाल हनुमान जी को उसी स्थान पर एक अस्थायी कैनोपी के नीचे रखा गया है।
इस पूरी घटना के बाद स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी देखी गई। भक्तों का मानना है कि पवित्र महाकाल की सवारी निकलने से पहले मंदिर के साथ छेड़छाड़ करना उचित नहीं था। लोगों की धार्मिक भावनाओं और विरोध को देखते हुए प्रशासन ने उस समय काम को बीच में ही रोकने का निर्णय लिया था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिमा की बनावट ही इस कार्य में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। करीब 8 फीट ऊंची यह प्रतिमा जमीन के अंदर भी 4 से 5 फीट तक गहरी शिला से जुड़ी हुई है, जिसे बिना नुकसान पहुंचाए हटाना तकनीकी रूप से कठिन है। अब चूंकि महाकाल की सवारी का कार्यक्रम संपन्न हो चुका है, इसलिए नगर निगम जल्द ही इसे शिफ्ट करने के लिए नई रणनीति के साथ दोबारा कवायद शुरू करेगा।


