Hazaribagh, (India) —
उरीमारी से लापता महिला सरिता देवी और उनकी दो बेटियों को पुलिस ने तमिलनाडु से सुरक्षित बरामद कर लिया है। यह सफलता हजारीबाग पुलिस के लिए एक बड़ी राहत की बात है। शनिवार, 22 अगस्त 2026 को तीनों को सकुशल उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
उरीमारी से लापता महिला का तमिलनाडु में मिला सुराग
उरीमारी ओपी क्षेत्र के तेतरिया बारटोला निवासी संजय करमाली की पत्नी सरिता देवी (34 वर्ष), बड़ी बेटी संजना कुमारी (20 वर्ष) और छोटी बेटी अंजना कुमारी (17 वर्ष) बीते 10 अगस्त 2026 को घर से पूजा करने की बात कहकर निकली थीं। देर शाम तक जब तीनों वापस नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। आसपास खोजबीन के बाद भी कोई पता नहीं चलने पर परिजनों ने 12 अगस्त 2026 को उरीमारी ओपी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 143/26 दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में ही पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे जिससे तीनों के तमिलनाडु में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अंतरराज्यीय समन्वय
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तमिलनाडु पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया। तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से टीम ने उस स्थान को चिह्नित किया जहां तीनों ठहरे हुए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों किसी परिचित के संपर्क में थे जिसके कारण वे वहां पहुंच गए थे। हालांकि, पुलिस ने पारिवारिक विवाद या किसी अन्य कारण से इंकार नहीं किया है। विस्तृत जांच जारी है।
तमिलनाडु पहुंची पुलिस टीम ने 20 अगस्त 2026 को तीनों को अपने संरक्षण में ले लिया। उनके सकुशल होने की पुष्टि होते ही परिजनों को सूचना दी गई। टीम तीनों को लेकर 22 अगस्त को हजारीबाग पहुंची। इस दौरान रास्ते में उनके खाने-पीने और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा गया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिवार को सौंपा गया
हजारीबाग पहुंचने के बाद उरीमारी ओपी में तीनों का बयान दर्ज किया गया। मेडिकल जांच में तीनों पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया धारा 161 सीआरपीसी के तहत पूरी करने के बाद सरिता देवी, संजना और अंजना को उनके पति संजय करमाली और अन्य परिजनों को सौंप दिया गया।
संजय करमाली ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “पिछले 12 दिन हमारे परिवार के लिए किसी बुरे सपने जैसे थे। हमने उम्मीद छोड़ दी थी। हजारीबाग पुलिस और तमिलनाडु पुलिस के प्रयासों से आज हमारा परिवार फिर से पूरा हुआ है। हम पुलिस प्रशासन के आभारी हैं।”
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय से अपराध या गुमशुदगी के मामलों को सुलझाना आसान होता है। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस तरह की सफलताओं का उल्लेख मिलता है। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस तत्परता की सराहना की है।
परिजनों ने राहत की सांस ली है। मोहल्ले में खुशी का माहौल है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी परिजन के लापता होने पर तुरंत थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। [INTERNAL_LINK_HOLDER]



