देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 अंतिम सोमवारी पर बाबा नगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। मंदिर का पट सुबह 04:13 बजे खुलते ही बाबा बैद्यनाथ के जलार्पण का सिलसिला शुरू हो गया। हर तरफ बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष गूंज रहे हैं।
राजकीय श्रावणी मेला 2026 अंतिम सोमवारी की विशेष व्यवस्थाएं
अंतिम सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बाबा पर जलार्पण के लिए कांवरियों की कतार रात 02:00 बजे ही नंदन पहाड़ तक पहुंच गई थी। इसके बाद भी श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। रूट लाइन में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। कांवरिया कतारबद्ध होकर बाबा का जयघोष करते हुए मंदिर की ओर बढ़ रहे हैं। प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगम जलार्पण कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा और चिकित्सा इंतजाम
मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस बल के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। चिकित्सा शिविरों में डॉक्टरों की टीम तैनात है। पेयजल और शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सूचना केंद्र बनाए गए हैं।
मार्ग और यातायात प्रबंधन
कांवरिया पथ पर यातायात को सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त बसें चलाई गई हैं। रेलवे स्टेशन पर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं। वाहनों की आवाजाही के लिए वन-वे व्यवस्था लागू की गई है। इससे जाम की समस्या नहीं हुई।
बाबा नगरी पूरी तरह शिवमय हो गई है। चारों ओर सिर्फ एक ही गूंज सुनाई दे रही है— हर-हर महादेव… बोल बम! 🚩🚩
इस पावन अवसर पर लाखों भक्तों ने बाबा बैद्यनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। मान्यता है कि सावन की अंतिम सोमवारी पर जलार्पण करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बाबा बैद्यनाथ मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां श्रावण मास में विशेष महत्व होता है।
प्रशासन ने मेले के सफल संचालन के लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया था। स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी सेवा भाव से कार्य किया। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना की।

