चतरा: कौलेश्वरी धाम में बिजली-पानी की बदहाली पर उत्तरी छोटानागपुर आयुक्त विजय गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला के साथ सपरिवार कौलेश्वरी पर्वत पहुंचकर मां कौलेश्वरी के दरबार में पूजा-अर्चना की और फिर स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पर्वत पर श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में हो रही परेशानी सामने आने पर आयुक्त ने तत्काल चतरा उपायुक्त से फोन पर बात कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
कौलेश्वरी धाम में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
निरीक्षण के क्रम में आयुक्त विजय गुप्ता ने मंदिर परिसर, तालाब, भैरो बाबा मंदिर और नवनिर्मित गेस्ट हाउस का अवलोकन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध बिजली और पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली। मौके पर यह तथ्य उभरकर आया कि पर्वत पर आने वाले श्रद्धालुओं को बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आयुक्त ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थल पर आने वाले लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्देश दिया।
डीसी से फोन पर बात, शीघ्र व्यवस्था बहाल कराने के निर्देश
कौलेश्वरी पर्वत पर बिजली और पेयजल की समस्या को लेकर आयुक्त ने मौके से ही चतरा उपायुक्त से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने पर्वत पर बिजली एवं पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने वाले इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रोपवे स्थल का निरीक्षण, पर्यटन विकास पर जोर
निरीक्षण के क्रम में आयुक्त ने प्रस्तावित रोपवे स्थल का भी जायजा लिया। उन्होंने रोपवे को कौलेश्वरी धाम के पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उनका कहना था कि रोपवे जैसी सुविधा विकसित होने से पर्वत तक पहुंच आसान होगी और अधिक संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां पहुंच सकेंगे। आयुक्त विजय गुप्ता ने कौलेश्वरी पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कौलेश्वरी धाम को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना
आयुक्त ने कौलेश्वरी धाम को इटखोरी, रजरप्पा और टाटा के जोड़ी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़कर पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की संभावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकीकृत पर्यटन सर्किट बनने से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इस पहल से झारखंड के पर्यटन मानचित्र पर इस क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। चतरा जिला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोने की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित हो सकता है।
अधिकारियों का दल रहा मौजूद
इस मौके पर कौलेश्वरी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह एसडीएम मोहम्मद जहूर आलम, सचिव सह सीओ रितिक कुमार, बीडीओ निखिल गौरव कमान कच्छप, समिति सदस्य कौशलेन्द्र कुमार सिंह व अमरेंद्र केसरी, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वेद प्रकाश, हंटरगंज थाना प्रभारी संदीप कुमार समेत संबंधित अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद थे। अधिकारियों के इस दौरे को कौलेश्वरी धाम के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूजा-अर्चना के साथ अधिकारियों ने स्थल की मौजूदा सुविधाओं, प्रस्तावित विकास योजनाओं और पर्यटन की संभावनाओं को करीब से देखा। इससे आने वाले समय में कौलेश्वरी पर्वत पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन आधारभूत संरचना को मजबूत करने की उम्मीद जगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है। आयुक्त के इस सख्त निर्देश के बाद अब उम्मीद बंधी है कि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान होगा। पर्यटन सर्किट बनने से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा।



