रांची: झारखंड की राजधानी रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्री राधाष्टमी महोत्सव के पावन अवसर पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन 20 सितंबर से 26 सितंबर तक किया जाएगा। इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है।
श्रीमद्भागवत कथा का समय और प्रमुख वक्ता
कथा प्रतिदिन अपराह्न 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगी। वृंदावन की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका साध्वी गोपिका जी श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगी। ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि कथा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण तैयार किया गया है।
प्रथम दिवस का विशेष कार्यक्रम
कथा के प्रथम दिवस 20 सितंबर, रविवार को श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य के साथ भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन चरित्र प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। इस दिन कलश यात्रा एवं मंगलाचरण के साथ कथा का शुभारंभ होगा। साध्वी गोपिका जी भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भक्ति मार्ग की विशेषताएं बताएंगी।
प्रतिदिन के आकर्षण: भजन, झांकी और प्रसाद
- भक्ति संगीत: कथा के दौरान भक्ति भाव से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुति होगी।
- सजीव झांकियां: भगवान की लीलाओं पर आधारित मनोहारी झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
- सामूहिक आरती: प्रत्येक दिन कथा के पश्चात सामूहिक आरती का आयोजन होगा।
- प्रसाद वितरण: आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया जाएगा।
ट्रस्ट पदाधिकारियों का आह्वान
ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने रांची सहित आसपास के सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी बंधु-भगिनियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ का श्रवण ही नहीं, बल्कि जीवन को सदाचार, भक्ति, प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक संस्कारों से जोड़ने का माध्यम है। कथा श्रवण से मनुष्य को धर्म एवं कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
आयोजन का आध्यात्मिक महत्व
श्रीमद्भागवत कथा हिंदू धर्म के अठारह पुराणों में सर्वाधिक लोकप्रिय ग्रंथ मानी जाती है। इसके श्रवण मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है, ऐसा शास्त्रों में वर्णित है। इस सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ में गोवर्धन लीला, रास लीला, कंस वध, रुक्मणी विवाह, सुदामा चरित्र जैसे प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया जाएगा। साध्वी गोपिका जी की सरल एवं मधुर शैली में कथा श्रवण करना श्रद्धालुओं के लिए दुर्लभ अवसर है।
कैसे पहुंचें आयोजन स्थल
श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग, रांची शहर के प्रमुख मार्गों से सुगमता से पहुंचा जा सकता है। मंदिर प्रबंधन द्वारा वाहन पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है। दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था भी मंदिर परिसर में की गई है। अधिक जानकारी के लिए ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ से संपर्क किया जा सकता है।
इस पावन आयोजन में आप सपरिवार पधारकर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण करें और अपने जीवन को कृतार्थ करें। श्रीमद्भागवत पुराण के बारे में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया पढ़ें।



