
देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच तेज हो गई है। एसआईटी ने मुख्य आरोपी और बदरी-केदार मंदिर समिति के पूर्व वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के बदरीनाथ स्थित सरकारी आवास से मंदिर से जुड़े कीमती उपहार और भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। जांच टीम आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर बदरीनाथ पहुंची थी, जहां उसकी निशानदेही पर तलाशी ली गई।
बरामदगी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे। एसआईटी अब बरामद सामान और दस्तावेजों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
एसआईटी ने बदरीनाथ स्थित नीलकंठ वीवीआईपी गेस्ट हाउस की पहली मंजिल पर बने प्रमोद नौटियाल के सरकारी आवास का ताला खुलवाकर तलाशी ली। जांच के दौरान कमरे से मंदिर से जुड़े बेशकीमती उपहार और 500-500 रुपये के नोटों के रूप में भारी नकदी बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह कुछ सामग्री अपने साथ ले गया था। एसआईटी अब बरामद सामग्री की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बदरीनाथ में कार्रवाई के साथ एसआईटी की दूसरी टीम ने देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित प्रमोद नौटियाल के निजी आवास पर भी छापेमारी की। यहां से संपत्तियों, बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। जांच एजेंसियां पता लगाने में जुटी हैं कि क्या मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी रकम का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने या अन्य निवेशों में किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि बदरीनाथ मंदिर में 2 जुलाई तक दानपात्रों की 34 बार गिनती की गई थी। इसमें करीब 36 करोड़ रुपये की नकदी दर्ज की गई थी। शुरुआती चरण में करीब 23 करोड़ रुपये की गणना पूरी हो चुकी थी। एसआईटी अब 21 जून के बाद की सीसीटीवी फुटेज, दान गिनती की प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था की जांच कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि लगातार निगरानी के बावजूद कथित हेराफेरी कैसे होती रही।
चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सीसीटीवी मॉनिटरिंग कर्मचारी, भंडार प्रभारी, वरिष्ठ सहायक और लेखा लिपिक समेत कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। चमोली पुलिस के मुताबिक, प्रमोद नौटियाल से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।


