बेंगलुरु: कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जारकीहोली के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी बुधवार सुबह से जारी है। यह कार्रवाई आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं और अवैध रूप से अर्जित धन के हस्तांतरण से जुड़े मामले में की जा रही है। ईडी के अधिकारियों ने एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
कहां-कहां चल रही है ईडी की छापेमारी
ईडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी की टीमें मंत्री सतीश जारकीहोली से जुड़े चार प्रमुख स्थानों पर एक साथ तलाशी ले रही हैं। इनमें बेलगावी स्थित उनका निजी आवास, गोकाक स्थित आवास, बेंगलुरु के पॉश इलाके डॉलर्स कॉलोनी में स्थित आवास और उनका सरकारी आवास शामिल हैं। सभी स्थानों पर ईडी के अधिकारी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटा रहे हैं।
आबकारी विभाग में अनियमितताओं का आरोप
यह पूरा मामला कर्नाटक के आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि विभाग में लाइसेंस आवंटन, टेंडर प्रक्रिया और राजस्व संग्रह में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गईं। अवैध रूप से अर्जित धन को विभिन्न माध्यमों से हस्तांतरित किया गया। ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस धन का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया और इसमें मंत्री या उनके करीबियों की क्या भूमिका रही है।
पहले भी हो चुकी है करीबी रिश्तेदार के यहां कार्रवाई
इससे पहले 24 जून को ईडी ने आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त वाई. मंजूनाथ से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। गौरतलब है कि मंजूनाथ, मंत्री सतीश जारकीहोली की बहन के पति हैं। उस समय बेलगावी के हनुमान नगर स्थित आवास, बेंगलुरु के रेसकोर्स रोड स्थित फ्लैट, मैसूरु और हरपनहल्ली समेत कुल छह स्थानों पर एक साथ तलाशी ली गई थी। उस कार्रवाई में ईडी को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिलने की खबरें सामने आई थीं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू
ईडी की इस ताजा कार्रवाई पर कर्नाटक की राजनीति में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। सत्ताधारी दल के नेताओं ने जहां इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, वहीं विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जरूरी कदम करार दिया है। कर्नाटक कांग्रेस के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
ईडी की जांच का दायरा बढ़ने के आसार
जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आबकारी विभाग की अनियमितताओं से अर्जित धन कहां-कहां निवेश किया गया और किन-किन लोगों तक पहुंचा। आने वाले दिनों में कुछ और लोगों से पूछताछ या समन जारी किए जा सकते हैं।
कौन हैं सतीश जारकीहोली
सतीश जारकीहोली कर्नाटक की राजनीति में जाना-माना नाम हैं। वे बेलगावी जिले के यमकनमरडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और वर्तमान में सिद्धारमैया सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री हैं। इससे पहले वे आबकारी मंत्री भी रह चुके हैं। जारकीहोली परिवार का बेलगावी क्षेत्र में खासा राजनीतिक प्रभाव माना जाता है। उनके भाई रमेश जारकीहोली भी पूर्व मंत्री रह चुके हैं।
कर्नाटक में ईडी की इस बड़ी कार्रवाई को आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की छापेमारी से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। प्रवर्तन निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा उल्लंघन के मामलों की जांच करती है।
फिलहाल ईडी की टीमें सभी चिन्हित स्थानों पर अपनी कार्रवाई में जुटी हुई हैं। शाम तक या अगले कुछ दिनों में जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक बयान जारी किए जाने की संभावना है। तब तक कर्नाटक की राजनीति में इस छापेमारी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म रहेगा।

