कुलगाम: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुलगाम में 5 आतंकी सहयोगी गिरफ्तार किए हैं। बुगाम बाग इलाके में चलाए गए संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान यह कार्रवाई हुई। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की कमर तोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कुलगाम में 5 आतंकी सहयोगी गिरफ्तार
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर कुलगाम पुलिस, सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 18वीं बटालियन ने संयुक्त रूप से बुगाम बाग इलाके में घेराबंदी की। तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पांच व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ और तलाशी में इनके आतंकी संगठनों के सहयोगी (ओवर ग्राउंड वर्कर) होने के पुख्ता सबूत मिले। सभी गिरफ्तार आरोपी स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं। सुरक्षाबलों की इस त्वरित कार्रवाई से किसी बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने में मदद मिली है।
बरामद हथियारों का विवरण
गिरफ्तार किए गए पांचों आतंकी सहयोगियों के पास से सुरक्षाबलों को चार 9 एमएम पिस्तौल, चार मैगजीन, 22 जिंदा कारतूस (राउंड) और दो हैंड ग्रेनेड मिले हैं। हथियारों की यह खेप आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ले जाई जा रही थी। बरामद पिस्तौल और ग्रेनेड की मारक क्षमता को देखते हुए माना जा रहा है कि इनका इस्तेमाल सुरक्षाबलों पर हमले या नागरिकों को डराने-धमकाने के लिए किया जाना था। अधिकारियों ने बताया कि बरामद सभी हथियारों और गोला-बारूद को फोरेंसिक जांच और बैलिस्टिक प्रोफाइलिंग के लिए भेज दिया गया है ताकि इनके स्रोत और पूर्व में हुई किसी घटना में इनके इस्तेमाल का पता लगाया जा सके।
संयुक्त अभियान की रणनीति
इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली टीम में जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी), सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की 18वीं बटालियन के जवान शामिल थे। तीनों सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया तंत्र की सटीक सूचना ने इस ऑपरेशन को बिना किसी क्षति के पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभाई। दक्षिण कश्मीर का कुलगाम जिला लंबे समय से आतंकी गतिविधियों का गढ़ रहा है। यहां आतंकी संगठन स्थानीय युवाओं को बरगलाकर अपने नेटवर्क में शामिल करने का प्रयास करते रहे हैं। ऐसे में ओवर ग्राउंड वर्कर्स की गिरफ्तारी आतंकी तंत्र की सप्लाई चेन और सूचना तंत्र को तोड़ने के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है।
जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद सभी पांचों आरोपियों को संबंधित थाने में ले जाया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इनका संपर्क किन आतंकी कमांडरों या संगठनों से था। इसके अलावा बरामद हथियारों की सप्लाई चेन, संभावित ठिकानों और इलाके में सक्रिय अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए भी छानबीन तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर बुगाम बाग और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा अतिरिक्त नाके स्थापित किए गए हैं।
दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा ग्रिड की सक्रियता
हाल के महीनों में दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा जिलों में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद रोधी अभियानों में तेजी लाई है। आतंकियों के सफाए के साथ-साथ उनके सहयोगी तंत्र (ओजीडब्ल्यू नेटवर्क) को ध्वस्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि ओवर ग्राउंड वर्कर्स आतंकियों की आंख, कान और हाथ होते हैं। इन्हें रसद, आश्रय, सूचना और हथियार पहुंचाने का जिम्मा होता है। कुलगाम में हुई इस ताजा गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ा है। कुलगाम जिले की भौगोलिक स्थिति और घने बाग-बगीचे आतंकियों के छिपने के लिए मुफीद माने जाते रहे हैं, जिसे देखते हुए यहां सुरक्षा ग्रिड को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षाबलों को दें। जन सहयोग से ही आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है और सुरक्षाबल पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात हैं।

