रांची: रांची के कोकर में भीषण आग लगने से वासुदेव टाटा ऑटो मोटर्स वर्कशॉप में खड़ी 4 से 5 गाड़ियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुई इस घटना से औद्योगिक क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि हादसे में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
रांची के कोकर में भीषण आग: घटनाक्रम का ब्योरा
झारखंड की राजधानी रांची स्थित कोकर इंडस्ट्रियल एरिया में रविवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वासुदेव टाटा ऑटो मोटर्स के सर्विस सेंटर से अचानक धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह 5:30 बजे के आसपास वर्कशॉप के अंदर खड़े एक वाहन में अचानक लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें दूर से ही देखा जा सकता था। घटना की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग और सदर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और उसे वर्कशॉप के अन्य हिस्सों तथा आसपास के प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोक लिया।
शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा प्रारंभिक वजह
सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है। उनके अनुसार, सर्विस सेंटर में खड़े एक वाहन में अचानक आग लगी, जिसके बाद पास में खड़ी अन्य गाड़ियां भी जलने लगीं। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि फॉरेंसिक जांच और तकनीकी टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
आर्थिक नुकसान का आकलन जारी
इस अग्निकांड में वर्कशॉप में सर्विसिंग के लिए आई या डिलीवरी के लिए तैयार खड़ी 4 से 5 गाड़ियां पूरी तरह से जल गईं। वर्कशॉप प्रबंधन और बीमा कंपनी के अधिकारी संयुक्त रूप से आग से हुए आर्थिक नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि वाहनों के साथ-साथ वर्कशॉप के उपकरणों और ढांचे को भी क्षति पहुंची है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय पर पहुंच जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया और आग को परिसर के अन्य ज्वलनशील पदार्थों तक पहुंचने से रोक लिया गया।
औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा पर उठे सवाल
कोकर इंडस्ट्रियल एरिया में घटी इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्कशॉप और सर्विस सेंटर जैसे स्थानों पर जहां ज्वलनशील तेल, गैस सिलेंडर और विद्युत उपकरणों का भंडारण होता है, वहां फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से होना चाहिए। रांची नगर निगम और अग्निशमन विभाग द्वारा समय-समय पर चलाए जाने वाले जागरूकता अभियानों के बावजूद छोटी-बड़ी इकाइयों में सुरक्षा उपकरणों की कमी अक्सर देखने को मिलती है।
स्थानीय व्यवसायियों ने मांग की है कि प्रशासन औद्योगिक क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट की व्यवस्था दुरुस्त करे और नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करे, ताकि आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान न्यूनतम हो। रांची के कोकर में भीषण आग की इस घटना ने यह भी दर्शाया है कि दमकल विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण होती है।
पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर
घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने वर्कशॉप के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, वर्कशॉप में मौजूद कर्मचारियों और चौकीदारों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे क्षतिग्रस्त संपत्ति का जल्द से जल्द आकलन कर रिपोर्ट सौंपें, ताकि पीड़ित पक्ष को नियमानुसार सहायता या बीमा दावा निपटाने में सुविधा हो।
फिलहाल वर्कशॉप परिसर को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अग्निशमन विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। इस घटना से सबक लेते हुए शहर के अन्य सर्विस सेंटर संचालकों को भी अपने यहां अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच कर लेने की सलाह दी गई है।



