रांची: सेवा भारती झारखंड द्वारा आगामी 13 सितंबर 2026 को ‘सेवा सुरभि’ के 27वें वार्षिक विशेषांक विश्वगुरु भारत का लोकार्पण एक गरिमामयी समारोह में किया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियों को लेकर रविवार को सेवा भारती महानगर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई।
विश्वगुरु भारत विशेषांक का महत्व और उद्देश्य
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सेवा भारती के ट्रस्टी गुरुशरण प्रसाद ने कहा कि “विश्वगुरु भारत” का विचार केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के सांस्कृतिक और सामाजिक पुनरुत्थान का संकल्प है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस पावन संदेश को समाज के प्रत्येक प्रबुद्ध नागरिक और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। प्रांतीय उपाध्यक्ष अखिलेश्वर नाथ मिश्र एवं महानगर अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने भी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ पूरी निष्ठा से काम करने की बात कही।
कार्यक्रम का समय, स्थान और प्रमुख अतिथि
तय कार्यक्रम के अनुसार, 13 सितंबर (रविवार) को अपराह्न 4:00 बजे से पी.पी. कंपाउंड, मेन रोड स्थित गुरु नानक हायर सेकेंडरी स्कूल के सभागार में यह समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद सह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) के कुलपति प्रोफेसर सारंग मेधेकर करेंगे।
सुचारू व्यवस्था के लिए गठित समितियां
आज की बैठक में व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कई टोलियों (समितियों) का गठन किया गया। इनमें मुख्य रूप से मंच संचालन, अतिथि सत्कार, आमंत्रण वितरण, मीडिया प्रबंधन और विधि-व्यवस्था से जुड़ी समितियां शामिल हैं। सभी कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं ताकि आयोजन में किसी प्रकार की कमी न रहे।
पत्रिका संपादक मंडल और पदाधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में पत्रिका संपादक मंडल के सदस्य अयोध्या नाथ मिश्र, डॉ. हरेंद्र सिन्हा, प्रो. कमल बोस सहित सेवा भारती के सभी आयाम प्रमुख एवं कार्यकर्ता मुख्य रूप से मौजूद रहे। उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने आयोजन की सफलता के लिए अपने-अपने सुझाव दिए और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
सेवा भारती का सामाजिक योगदान
सेवा भारती लंबे समय से समाज के वंचित वर्गों की सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रही है। इसकी गतिविधियों की जानकारी के लिए आप सेवा भारतीा> के बारे में विकिपीडिया पर पढ़ सकते हैं। संगठन का मानना है कि ‘विश्वगुरु भारत’ की संकल्पना को साकार करने के लिए जन-जन तक पहुंचना आवश्यक है।
इस लोकार्पण समारोह को लेकर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, साहित्यकारों और समाजसेवियों में खासा उत्साह है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह विशेषांक समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करेगा और भारत को पुन: विश्वगुरु के पद पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित होगा।



