रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज मोरहाबादी मैदान में आयोजित श्री कृष्ण जन्मोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने समस्त राज्यवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई देते हुए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव में मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी भगवान श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं लगातार इन कार्यक्रमों में आपके साथ रहा हूँ। आज उपस्थित जनसमूह ने इस पावन अवसर को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों एवं भक्तजनों को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
भगवान श्री कृष्ण के आदर्शों पर प्रकाश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन दर्शन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जीवन और उनके उपदेश मानवता को सत्य, धर्म, प्रेम, करुणा एवं कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। जन्माष्टमी का यह पर्व हमें भगवान श्री कृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा समाज में प्रेम, भाईचारा, सद्भाव और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
झारखंड की प्रगति के लिए प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने कामना की कि भगवान श्री कृष्ण की कृपा और आशीर्वाद से झारखंड प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य निरंतर विकास एवं उन्नति के पथ पर आगे बढ़ता रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव में सम्मिलित प्रतिभागियों को सम्मानित किया तथा दही हांडी प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश, मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, विधायक श्री सुरेश कुमार बैठा, झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्री राजेश ठाकुर, श्री कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति के संरक्षक श्री राजीव रंजन प्रसाद सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।
दही हांडी प्रतियोगिता का रोमांच
दही हांडी प्रतियोगिता इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। विभिन्न टीमों के युवाओं ने मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी हांडी को फोड़ने का प्रयास किया। दर्शकों की भारी भीड़ ने तालियों और जयकारों के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने विजेता टीमों को पुरस्कृत किया और सभी प्रतिभागियों के खेल भावना की सराहना की।
जन्माष्टमी का सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व
जन्माष्टमी का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करता है। भगवान श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ी लीलाएं और गीता उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं। विकिपीडिया के अनुसार, कृष्ण जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार कृष्ण के जन्म का उत्सव है, जिसे पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है।
रांची का मोरहाबादी मैदान वर्षों से इस भव्य आयोजन का साक्षी रहा है। श्री कृष्ण जन्मोत्सव आयोजन समिति द्वारा हर वर्ष इस कार्यक्रम को भव्य स्वरूप दिया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस वर्ष भी आयोजन समिति ने बेहतरीन प्रबंध किए थे, जिससे कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री का जनता से जुड़ाव
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नियमित उपस्थिति उनके जनता से सीधे जुड़ाव को दर्शाती है। वे अक्सर कहते रहे हैं कि झारखंड की संस्कृति और परंपराओं को सहेजना सरकार की प्राथमिकता है। इस आयोजन में उनकी उपस्थिति ने न केवल श्रद्धालुओं का मनोबल बढ़ाया, बल्कि सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति के संरक्षक श्री राजीव रंजन प्रसाद ने सभी अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों, मीडियाकर्मियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा जताई कि अगले वर्ष यह आयोजन और अधिक भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।



