धनबाद: महारानी बस दुर्घटना शुक्रवार देर रात एनएच-19 पर हुई जहां गया से कोलकाता जा रही बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ने के बाद पलट गई। इस हादसे में बस में सवार 20 से अधिक यात्रियों में से 8 यात्री घायल हो गए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में भर्ती कराया गया है।
महारानी बस दुर्घटना का पूरा घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महारानी बस बिहार के गया से पश्चिम बंगाल के कोलकाता के लिए रवाना हुई थी। शुक्रवार देर रात यह बस बरवाअड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर स्थित नेशनल हाईवे-19 (NH-19) पर पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस काफी तेज रफ्तार में थी। चालक ने आगे चल रहे किसी वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया, इसी दौरान स्टीयरिंग पर नियंत्रण खो बैठा।
बस सड़क के बीच बने तार के डिवाइडर को लांघते हुए उस पर चढ़ गई और असंतुलित होकर सड़क के बीचो-बीच पलट गई। घटना के वक्त बस में करीब 20 से 25 यात्री सवार थे। बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े।
पुलिस और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बरवाअड्डा थाने की पुलिस टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एंबुलेंस बुलाकर सभी को एसएनएमएमसीएच धनबाद रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है। दुर्घटनाग्रस्त बस को क्रेन की मदद से हटाकर यातायात सुचारु कराया गया।
घायलों का इलाज और अस्पताल की व्यवस्था
एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया। किसी भी यात्री की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है। अधिकतर यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें मरहम-पट्टी के बाद ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने घायलों के परिजनों को सूचना दे दी है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
एनएच-19 पर यातायात कुछ देर रहा बाधित
बस के सड़क के बीच पलट जाने से नेशनल हाईवे-19 पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर बस को किनारे कराया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। इस व्यस्त राजमार्ग पर अक्सर ओवरटेकिंग के कारण ऐसे हादसे होते रहते हैं। NH-19 के इस खंड पर सुरक्षा उपायों की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से करते आ रहे हैं।
ओवरटेकिंग बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के बयान से स्पष्ट होता है कि तेज रफ्तार में ओवरटेक करना इस दुर्घटना का मुख्य कारण बना। बस चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस चालक की तलाश कर रही है। बस के कागजात और परमिट की जांच भी की जा रही है। परिवहन विभाग के नियमानुसार व्यावसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य है, इसकी भी पड़ताल होगी।
चश्मदीदों ने क्या कहा
- स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने बताया, “बस बहुत तेजी से आ रही थी, डिवाइडर पर चढ़ते ही पलट गई।”
- एक अन्य राहगीर ने कहा, “चालक ने गलत साइड से ओवरटेक करने की कोशिश की थी।”
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर राजमार्गों पर यात्री वाहनों की बेलगाम रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि NH-19 जैसे व्यस्त मार्गों पर सीसीटीवी निगरानी, स्पीड कैमरा और सख्त पेट्रोलिंग की जरूरत है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट और चालकों के प्रशिक्षण पर भी जोर देना होगा। नेशनल हाईवे-19 भारत के प्रमुख राजमार्गों में से है, जहां सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन जरूरी है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बस मालिक और चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्रशासन ने मृतकों या गंभीर रूप से घायलों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, हालांकि इस हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है।



