रांची में अपराध नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के लिहाज से CCTV कैमरों की कमी पर झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। अदालत ने राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) और रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से जवाब मांगा है।
अदालत ने संबंधित अधिकारियों को कैमरे लगाने की समयसीमा बताने का निर्देश दिया है। साथ ही रांची के सभी थानों और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे कैमरों को चालू हालत में रखने पर भी जोर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
सोमवार को मामले की सुनवाई जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस अखिल कुमार की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि CCTV कैमरे नहीं होने से चेन छिनतई जैसी घटनाओं में शामिल अपराधियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। प्रभावी निगरानी व्यवस्था नहीं होने से अपराधियों को पकड़ने में भी पुलिस को दिक्कत हो सकती है।
अदालत ने सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। कई बार हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो जाते हैं, जिससे वाहन और चालक की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे मामलों में CCTV फुटेज अहम सबूत बन सकता है और जांच आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।