अमेरिका के Oak Ridge National Laboratory (ORNL) के वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक कचरे को पेट्रोल और डीजल जैसे तरल ईंधन में बदलने की एक नई तकनीक विकसित की है। इस प्रक्रिया में खास तौर पर पॉलीएथिलीन (PE) प्लास्टिक को पिघले हुए नमक-आधारित रासायनिक सिस्टम के जरिए तोड़कर तरल हाइड्रोकार्बन तैयार किए जाते हैं।
यह तकनीक प्लास्टिक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में एक संभावित विकल्प है। हालांकि, इसे बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इस्तेमाल तक पहुंचाने के लिए लागत, ऊर्जा खपत और पर्यावरणीय प्रभाव जैसी चुनौतियों का मूल्यांकन अभी महत्वपूर्ण रहेगा।