उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर सोमवार सुबह बवाल हो गया. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब रविवार की रात में शहर काजी और प्रशासन में सहमति बन चुकी थी. तो फिर सुबह विवाद कैसे हो गया.
उज्जैन:
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का हिस्सा हटाया जाना था. जिस पर प्रशासन और शहर काजी के साथ मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच 11 फीट का हिस्सा हटाने को लेकर रविवार की रात में सहमति बन चुकी थी. सबकुछ सही चल रहा था. लेकिन फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिससे सोमवार सुबह अचानक से मामला सांप्रदायिक तनाव और हिंसा में बदल गया. सोमवार सुबह मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई. पुलिस यहां पहले से ही तैनात थी. ऐसे में भीड़ बढ़ती गई और पथराव हो गया. जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भी आंसू गैस के गोले छोड़े. ऐसे में सवाल यही उठा है कि जब सहमति बन चुकी थी तो फिर विवाद कैसे हुआ?
रविवार रात में बनी थी सहमति
उज्जैन नगर निगम कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम कर रहा है। इसी दायरे में शाही मस्जिद का करीब 11 फीट का हिस्सा आ रहा था. जिसे हटाया जाना था.
बताया जा रहा है कि रविवार रात प्रशासन और शहर काजी खलिकुर्ररेहमान के बीच बातचीत हुई थी. जहां रविवार सुबह 4 बजे तक यह तय हुआ था कि मस्जिद का जो हिस्सी चौड़ीकरण की जद में आ रहा है. उसे मशीनों की बजाए खुद हटाएंगे. इस दौरान उज्जैन के कलेक्टर रौशन कुमार भी मौजूद थे. शहर काजी ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया था. रविवार रात से ही यहां पुलिसबल तैनात था. बताया जा रहा है कि सुबह से वक्त कुछ लोगों ने प्रभावित हिस्सा हटाने की कार्रवाई भी शुरू की थी. लेकिन तभी समाज का दूसरा गुट सामने आया और विरोध शुरू कर दिया. जिसके बाद भीड़ बढ़ती चली गई और विवाद बढ़ता गया. भीड़ बढ़ने का सबसे बड़ा कारण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक मैसेज बताया जा रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मैसेज
दरअसल, बताया जा रहा है कि रविवार रात प्रशासन और काजी के बीच बैठक के बाद सोशल मीडिया पर कुछ अराजक मैसेज वायरल कर दिए गए. व्हाट्सएप ग्रुप्स और इंस्टाग्राम पर यह मैसेज वायरल हुए थे. भड़काऊ पोस्ट तेजी से वायरल हुआ. ऐसे में रात के समझौते की खबर से ज्यादा यह पोस्ट वायरल हो गई. ऐसे में भ्रामक जानकारी की वजह से विवाद बढ़ता गया. ऐसे में रात में हुआ फैसला सुबह तक आम जनता तक सही तरीके से कम्युनिकेट नहीं हुआ. जहां सोमवार सुबह 8 बजे के आसपास अचानक से भीड़ जमा हो गई. महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल थी.
उज्जैन में भीड़ ने किया पथराव
उज्जैन में सोमवार सुबह भीड़ की तरफ से पथराव शुरू हो गया. जिसमें एक महिला टीआई चोटिल भी हुई हैं. ऐसे में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और इलाके की घेराबंदी कर दी. हालांकि ताजा अपडेट के मुताबिक उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मस्जिद में काम जारी है. उन्होंने बताया कि शाही मस्जिद में मस्जिद कमेटी की ओर से ही तोड़ने का काम शुरू किया गया है. एहतियात के तौर पर सुरक्षा का घेरा बना दिया गया है और किसी के भी अंदर जाने पर रोक है. प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में 2000 से अधिक सुरक्षा बल और आरएफ तैनात कर दी है.



