झारखंड में 3 दिवसीय ‘किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग’ शुरू, बेटियों को सिखाए जा रहे मार्शल आर्ट
गुररांची/जोन्हा: सेवा भारती, झारखंड के तत्वावधान में तीन दिवसीय ‘सेवा सारथी कार्यशाला सह किशोरी विकास प्रशिक्षण वर्ग’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। जोन्हा (गुडीडीह) स्थित सेवा धाम में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय सेवा भारती की न्यासी शिल्पा वर्णेकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ से हुई।
💡 “निस्वार्थ सेवा ही सच्चा आनंद”उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सेवा भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष अखिलेश्वर नाथ मिश्र ने सेवा की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:”जिस कार्य को करने से हृदय आनंदित हो, वही सेवा है। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा से हमारे घर की किलकारी और मन की फुलवारी प्रफुल्लित होती है।”उन्होंने संगठन के ‘पंच परिवर्तन’ संकल्प को दोहराते हुए कहा कि कार्यकर्ता ग्रामीण और सेवा बस्तियों में पर्यावरण, कुटुंब प्रबोधन, स्व का जागरण, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्य के प्रति लोगों को लगातार जागरूक कर रहे हैं।
🌟 आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मरक्षा पर जोरमार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग: कार्यशाला के पहले दिन किशोरी विकास केंद्र की किशोरियों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए मार्शल आर्ट (आत्मरक्षा) का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।महिला सशक्तिकरण: मुख्य वक्ता मंजुषा देशमुख ने सेवा कार्यों को परिणामकारी बनाने और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया।विशिष्ट अतिथियों के विचार: संत जेवियर्स कॉलेज की प्रो. भारती रायपत और सीसीएल की पूर्व महाप्रबंधक रश्मि दयाल ने भी सत्र में अपने विचार साझा किए।
🤝 विभिन्न जिलों से जुटीं महिला कार्यकर्ताइस तीन दिवसीय प्रांतीय कार्यशाला में झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और किशोरी बहनें हिस्सा ले रही हैं।स्वागत एवं परिचय: चंदन मिश्र (अध्यक्ष, सेवा भारती भाग-5)मंच संचालन: अनुपमा सिन्हाधन्यवाद ज्ञापन: राधेश्याम अग्रवाल (प्रांतीय कोषाध्यक्ष)



