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रांची की दुर्गा पूजा और शांति समितियों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में रांची जिला दुर्गा पूजा समिति, रांची महानगर दुर्गा पूजा समिति और कई शांति समितियों के लोग शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनरी, मां दुर्गा की प्रतिमा और गुलदस्ता भेंट कर अभिवादन किया और दुर्गा पूजा उत्सव में शामिल होने का आग्रह किया।
प्रशासन के सहयोग से संतुष्ट
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके नेतृत्व में पूजा समितियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है और इससे सभी संतुष्ट हैं। समितियों ने इसके लिए राज्य सरकार और खासकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। साथ ही उम्मीद जताई कि आगे भी इसी तरह का सहयोग मिलता रहेगा।
पंडालों के भ्रमण का न्योता
सदस्यों ने हेमंत सोरेन को शारदीय नवरात्रि के मौके पर परिवार के साथ रांची के पूजा पंडालों में घूमने, माता रानी के दर्शन करने और महाआरती में शामिल होने का न्योता दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस साल भी राजधानी में भव्य और आकर्षक पंडाल बन रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
पर्यावरण अनुकूल हो विसर्जन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि हर साल की तरह इस बार भी सभी लोग पूरी श्रद्धा और निष्ठा से दुर्गा उत्सव की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने माता रानी से प्रार्थना की कि यह परंपरा हमेशा चलती रहे।
हेमंत सोरेन ने कहा कि आस्था और परंपरा को बनाए रखते हुए मूर्ति विसर्जन पर्यावरण के अनुकूल होना जरूरी है। उनके मुताबिक विसर्जन के बाद शहर के तालाबों और जलाशयों की हालत पर्यावरण के लिए चुनौती बन जाती है। इसलिए राज्य सरकार और पूजा समितियां आपसी तालमेल से विसर्जन की पर्यावरण अनुकूल कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने समिति सदस्यों से कहा कि वे एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करें, जिसमें आस्था और श्रद्धा के अनुरूप इको फ्रेंडली तरीके से मूर्तियों का विसर्जन हो सके।



