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झारखंड में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की जल जांच प्रयोगशालाओं में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मियों को छह से सात महीने से वेतन नहीं मिला है। राज्य, जिला और अवर प्रमंडलीय स्तर की प्रयोगशालाओं में लगभग 200 से ज्यादा कर्मचारी इस तरह नियुक्त हैं। वेतन न मिलने से कई परिवारों के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस, मकान का किराया और इलाज जैसी जरूरी जरूरतें पूरी करने में भी उन्हें परेशानी हो रही है।
इन प्रयोगशालाओं में केमिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, लैब असिस्टेंट, डेटा एंट्री ऑपरेटर, लैब अटेंडेंट और नमूना संग्रहक जैसे पदों पर कर्मचारी तैनात हैं। उनका कहना है कि मार्च से वेतन नहीं मिलने के बावजूद वे लगातार सेवाएं दे रहे हैं।
मुख्य अभियंता से मिले कर्मी
अपनी परेशानी को लेकर कर्मचारियों ने मंगलवार को विभाग के मुख्य अभियंता सह कार्यकारी निदेशक मो. रेयाज आलम से मुलाकात की। उन्होंने बकाया वेतन का जल्द भुगतान कराने की मांग की। साथ ही नई एजेंसी के चयन तक वेतन और सेवा की निरंतरता बनाए रखने के लिए अंतरिम व्यवस्था करने को कहा।
इस पर मो. रेयाज आलम ने कहा कि विभाग नई एजेंसी बहाल करने की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस मद में भारत सरकार से भी राशि मिलती है।



