
खबर:
इंडिया गठबंधन के निर्वाचन सदन मार्च में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अलग ही रंग में नजर आए। मार्च सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ था। संसद परिसर के मकर द्वार पर पहले कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा सांसद जुटे, फिर बाकी दलों के सांसद भी पहुंचते गए। माहौल बनाया सपा सांसदों ने। लाल टोपी और लाल गमछे में वे सबसे अलग दिख रहे थे। उनके हाथों में नारे लिखी लाल तख्तियां भी थीं।
कैराना से सपा सांसद इकरा हसन की तख्ती पर लिखा था, “एक कचौरी दो समोसा, ज्ञानेश तेरा क्या भरोसा।” एनडीटीवी ने जब उनसे कहा कि यह तो जेन जी का नारा है, तो इकरा ने कहा कि यह अब उनके प्रतिरोध का भी प्रतीक बन चुका है।
जया बच्चन के कंधे पर लाल गमछा था। उनकी तख्ती पर लिखा था, “चुनाव आयोग भेदभाव कर रहा, पीडीए के वोटों को काट रहा।”
बाद में धरना और हिरासत
बाकी नेताओं के लौट जाने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पंजाब से लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल समेत सभी विपक्षी नेताओं को वहां से हटाकर हिरासत में ले लिया।



