विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबर सामने आते ही सियासत गरमा गई है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आयोग पर निशाना साधा है और बिहार तथा पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव दोबारा कराने की मांग की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने बीते 10 महीनों में आयोग के कई फैसलों और कामकाज के तरीकों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराईं। असहमति के मुद्दों में मतदाता सूची में नाम जोड़ना-हटाना, फॉर्म-6 में बदलाव और चुनावी डेटा का प्रबंधन शामिल बताए जा रहे हैं।
तेजस्वी ने सोशल मीडिया और अपने बयानों में आरोप लगाया कि दोनों राज्यों के चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। उनका कहना है कि इन चुनावों को पूरी तरह दोबारा कराया जाना चाहिए। उन्होंने SIR प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
विवाद बढ़ने पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है। आयोग के अनुसार SIR समेत पिछले एक साल में लिए गए सभी अंतिम फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से हुए हैं। आयोग का कहना है कि आंतरिक बैठकों और चर्चा के दौरान अलग-अलग राय सामने आना सामान्य प्रक्रिया है।




