एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का शानदार प्रदर्शन
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में देश का नाम एक बार फिर रोशन कर दिया है। टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को हराकर देश को एक और स्वर्ण पदक दिलाया है। इस जीत के साथ ही पूरे देश में जश्न का माहौल है और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। खिलाड़ियों की इस मेहनत और लगन ने साबित कर दिया है कि भारतीय बेटियां खेल के हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं।
हांगझोऊ एशियन गेम्स के बाद इस बार भी भारतीय महिलाओं ने अपनी श्रेष्ठता साबित की है। फाइनल मैच बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला रहा, जिसमें दोनों टीमों ने एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष किया। मैच की शुरुआत से ही दोनों पक्षों के बीच आक्रामक खेल देखने को मिला। हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के क्षणों में भी संयम नहीं खोया और अपनी रणनीति पर पूरी तरह से अमल किया।
मैच के अंतिम पलों में ईरान की टीम ने वापसी करने की पूरी कोशिश की। उन्हें स्कोर की बराबरी करने या आगे निकलने के लिए कुछ महत्वपूर्ण अंकों की आवश्यकता थी। लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार खेल का परिचय दिया और ईरान की रेडर्स को कोई मौका नहीं दिया। मैच के आखिरी क्षणों में किए गए एक निर्णायक टैकल ने भारत की जीत पर पक्की मुहर लगा दी और स्कोर 37-34 रहा।
संजू देवी और पूरी टीम का ऐतिहासिक योगदान
इस पूरे टूर्नामेंट मेंभारतीय महिला कबड्डी टीम की सभी खिलाड़ियों ने असाधारण खेल भावना का परिचय दिया। संजू देवी ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित करते हुए टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाई। उनके अलावा टीम में पूजा, राज रानी, सोनाली विष्णु शिंगटे, पुष्पा, भावना देवी, रितु, रितु नेगी, मनीषा कुमारी, पिंकी रॉय, ज्योति और निकिता जैसी प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थीं। इन सभी के संयुक्त प्रयासों ने देश को यह ऐतिहासिक सफलता दिलाई है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की जीत से देश की युवा पीढ़ी को खेलों में आगे आने की प्रेरणा मिलेगी। कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल में भारत का दबदबा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहा है। भारतीय खेल प्राधिकरण और खेल प्रेमियों ने पूरी टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है।
पुरुष टीम का फाइनल और अन्य खेल स्पर्धाओं के परिणाम
शनिवार का दिन भारतीय दल के लिए बेहद सफल और ऐतिहासिक रहा है। महिला टीम की सफलता के बाद अबभारतीय महिला कबड्डी टीम की तर्ज पर ही भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का भी फाइनल मुकाबला होना है। पुरुष टीम का सामना भी ईरान की मजबूत टीम से ही होगा। भारतीय पुरुष टीम भी गत चैंपियन है और अपने खिताब को बचाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
इसके अलावा अन्य स्पर्धाओं में भी भारत के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में 2:11:37 के शानदार नेशनल रिकॉर्ड समय के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। बरवाल की इस उपलब्धि ने एशियन गेम्स मैराथन में पदक के लिए भारत के 44 साल के लंबे इंतजार को आखिरकार समाप्त कर दिया है।
शूटिंग और स्क्वैश में भी भारत का झंडा बुलंद रहा है। महिलाओं के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद ने अपनी अचूक निशानेबाजी से सिल्वर मेडल जीता। वहीं दूसरी ओर, स्क्वैश के मिक्स्ड डबल्स सेमीफाइनल मुकाबले में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता। इन सभी पदकों के साथ भारत ने पदक तालिका में अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया पर जा सकते हैं।



