“दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र में प्रदीप मुर्मू की मौत का मामला आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।”
दुमका जिले के काठीकुंड थाना क्षेत्र के मसनिया गांव में 23 सितंबर को प्रदीप मुर्मू की मौत के मामले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। शुरुआत में इस घटना को आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच और अनुसंधान के दौरान यह मामला हत्या का निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक के पिता कर्नेलियुस मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस को शुरुआत में डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि मसनिया गांव में प्रदीप मुर्मू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची जहां मृतक का शव खटिया पर रखा हुआ था और उसके गले पर फंदे के निशान पाए गए थे। इसके बाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिला निवासी फुलमनी बेसरा की शिकायत पर काठीकुंड थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दुमका पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने संदेह के आधार पर जब मृतक के पिता कर्नेलियुस मुर्मू से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा भी बरामद कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी पिता कर्नेलियुस मुर्मू की उम्र करीब 57 वर्ष है। इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज मामले का खुलासा करने वाली छापामारी टीम में काठीकुंड थाना प्रभारी बलराम कुमार सिंह, अनुसंधानकर्ता विवेक विल्सन बोयपाई, केदारनाथ पुरती और अन्य सशस्त्र बल शामिल रहे। पुलिस की इस मुस्तैदी से हत्या की इस गुत्थी को कम समय में ही सुलझा लिया गया है।



