मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपनी माता रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के दौरान पैतृक गांव नेमरा में फरियादियों से मिल रहे हैं। उन्होंने दशकर्म और संस्कार भोज की तैयारियों की समीक्षा भी की।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन माता स्व. रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के दौरान नेमरा में लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।
- गिरिडीह, रांची और रामगढ़ जिलों के लोगों ने भूमि कब्जा, इलाज, रोजगार और मुआवजे से जुड़ी समस्याएं रखीं।
- मुख्यमंत्री ने फरियादियों के मामलों में संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
- दशकर्म और संस्कार भोज में हजारों लोगों के आने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।
- रामगढ़ के गोला चौक पर छोटा गोलंबर बनाने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन अपनी माता स्व. रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के बीच पैतृक गांव नेमरा से सरकारी कार्य और जनसमस्याओं का निपटारा भी कर रहे हैं। मंगलवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने नेमरा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनकी बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रूपी सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पद्मभूषण स्मृति-शेष शिबू सोरेन की धर्मपत्नी थीं। मुख्यमंत्री पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार श्राद्धकर्म और पारिवारिक अनुष्ठान पूरे कर रहे हैं।
फरियादियों ने रखीं समस्याएं
विज्ञप्ति के मुताबिक, गिरिडीह के केश्वरी गांव के माधो पासवान अपनी दृष्टिबाधित पुत्री कालो कुमारी के साथ पहुंचे। उन्होंने अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी। रांची जिले के सिल्ली स्थित हाकेदाग के विश्राम बेदिया ने बीमार पत्नी एतवारी देवी के समुचित इलाज का अनुरोध किया।



