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जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में मरीन ड्राइव के पास बीती रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। बिंदल मॉल गोलीकांड के दो इनामी शूटरों के पैर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगी। दोनों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बिंदल मॉल रेस्टोरेंट गोलीकांड में पकड़े गए मोहन यादव और अजीत मंडल की निशानदेही पर हथियार बरामद करने के लिए पुलिस टीम उन्हें मौके पर लेकर गई थी। इसी दौरान दोनों ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी।
26 सितंबर को हुई थी वारदात
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 26 सितंबर को सोनारी के बिंदल मॉल स्थित एक रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई थी। इसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। पुलिस ने इस मामले में पहले ही कुछ साजिशकर्ताओं को जेल भेज दिया था। फरार तीनों शूटरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
हथियार छिपाने की बात कबूली थी
पुलिस ने गहन अनुसंधान के बाद मोहन यादव और अजीत मंडल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने बताया था कि वारदात में इस्तेमाल हथियार मरीन ड्राइव के जंगल में एक पेड़ के पास छिपाए गए हैं। बरामदगी के लिए पुलिस दल उन्हें वहां ले गया, तो दोनों ने एक जवान की पिस्तौल छीन ली और पुलिस पार्टी पर तीन-तीन राउंड फायर किए। इसके बाद उन्होंने मौके से भागने की कोशिश की।
पुलिस के मुताबिक, आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने घटनास्थल से दो अवैध पिस्तौलें बरामद की हैं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस आपराधिक नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।




