
भीमराव आंबेडकर ने भी दिया था यूपी को तीन हिस्सों में बांटने का सुझाव, किसी की भी राजधानी नहीं होता लखनऊ
उनका कहना था कि यूपी, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों का बंटवारा हो जाना चाहिए ताकि प्रशासन बेहतर हो और नागरिकों की जरूरी सुविधाओं और संस्थानों तक पहुंच बनी रहे.
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि जब भी राज्य 4 हिस्सों में बंटेगा तो पूर्वांचल का सीएम कोई राजभर होगा. इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश को 4 हिस्सों में बांटने को लेकर बहस तेज है. कुछ लोगों ने ऐसे किसी प्रस्ताव की जरूरत बताई है तो एक वर्ग मानता है कि यूपी जस का तस बना रहना चाहिए. उत्तर प्रदेश को अलग-अलग कई हिस्सों में बांटने की मांग कोई नई नहीं है. मायावती भी सीएम रहते हुए ऐसी डिमांड कर चुकी हैं, लेकिन तब की यूपीए सरकार ने उसे तवज्जो नहीं दी थी. यही नहीं भीमराव आंबेडकर ने भी ऐसा विचार प्रस्तुत किया था. उन्होंने 1955 में लिखी अपनी पुस्तक ‘भाषाई राज्यों पर विचार’ में ऐसा प्रस्ताव रखा था.
उनका कहना था कि यूपी, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों का बंटवारा हो जाना चाहिए ताकि प्रशासन बेहतर हो और नागरिकों की जरूरी सुविधाओं और संस्थानों तक पहुंच बनी रहे. उनका कहना था कि मौजूदा राज्य क्षेत्रफल में बहुत बड़े हैं और उनका प्रशासन ऐसी स्थिति में चलाना मुश्किल होगा. उन्होंने भाषायी आधार पर राज्यों के गठन की वकालत की थी, लेकिन उनके साइज को लेकर भी वह चिंतित थे. उन्होंने लिखा था, ‘बड़े भाषायी राज्य गठित करने का विचार लोकतांत्रिक नहीं है. यह मूल सिद्धांतों के ही खिलाफ है. खासतौर पर उनका क्षेत्रफल भी ध्यान में रखना होगा.’ उनका यह भी सुझाव था कि राज्यों का गठन ऐसे किया जाए कि कोई भी समुदाय या क्षेत्र खुद को उपेक्षित महसूस न करे.
कौन से 3 शहरों को राजधानी बनाने की बात कर रहे थे आंबेडकर
उन्होंने बिहार और मध्य प्रदेश को दो हिस्सों में बांटने को कहा था. ये दोनों ही राज्य 2000 में बंट चुके हैं. बिहार से निकलकर झारखंड बना तो मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया है. उत्तर प्रदेश का भी एक हिस्सा अलग होकर उत्तराखंड बन चुका है. अब भी यह एक बड़ा राज्य है और उसे भी विभाजित करने की मांगें उठती रही हैं. आंबेडकर की बात करें तो उनका सुझाव था कि यूपी को तीन हिस्सों में बांट दिया जाए. उनका कहना था कि हर राज्य की आबादी लगभग बराबर रहनी चाहिए. इसके अलावा उनकी ओर से तीन राज्यों की 3 अलग-अलग राजधानियां बनाने का भी सुझाव दिया था. ये शहर थे- प्रयागराज, कानपुर और मेरठ. ध्यान देने वाली बात है कि आंबेडकर के सुझाव में लखनऊ शामिल नहीं था, जो फिलहाल यूपी की राजधानी है.



