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नई दिल्ली। वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ आकाशवाणी के पास धरने पर बैठे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हटा दिया। दोनों नेताओं के अलावा केसी वेणुगोपाल, दीपेंद्र हुड्डा और कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक इन्हें किंग्सवे कैंप ले जाया जा रहा है। फिलहाल आकाशवाणी परिसर को खाली कराया जा रहा है।
इससे पहले राहुल गांधी करीब 8 घंटे से धरने पर थे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ वहीं रात गुजारने की तैयारी कर ली थी। आकाशवाणी चुनाव आयोग की इमारत के ठीक पास है। राहुल का कहना था कि उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य आयुक्तों से मिलना है और मुलाकात के बिना वे वापस नहीं लौटेंगे। कांग्रेस ने यह संदेश चुनाव आयोग को भी भेजा था।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पार्टी का प्रदर्शन कल भी जारी रहेगा। मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी सांसदों को दिल्ली में ही रहने के निर्देश दिए हैं।
मुलाकात की शर्त पर अटकी बात
सूत्रों का कहना है कि दोनों आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात का समय मांगने के लिए कांग्रेस ने औपचारिक चिट्ठी भेजी है। अगर आयोग का कोई अधिकारी आकर अगले एक-दो दिनों में मुलाकात का भरोसा देता, तो राहुल गांधी आज का धरना खत्म कर सकते थे। हालांकि राहुल की शर्त है कि मुलाकात सभी करीब तीन सौ सांसद करेंगे। अब तक इस मांग पर आयोग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। माना जा रहा है कि आयोग समय दे भी दे, तो इतनी बड़ी संख्या में सांसदों से मिलने से इनकार कर सकता है।
1 नवंबर को रैली की तैयारी
इस बीच कांग्रेस मामले को लंबा खींचकर अपनी सियासी जमीन मजबूत करने की कोशिश में है। 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन की रैली के लिए रामलीला मैदान बुक कर लिया गया है। राष्ट्रपति से मिलने के लिए 7-8 अक्टूबर का समय मांगा गया है। 9 अक्टूबर को समय मिला तो उस दिन भी चलेगा। राष्ट्रपति से मिलने वालों में खरगे, राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, शरद पवार, उमर अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, एमए बेबी और सीपीआई के डी राजा के नाम हैं।



