छौराही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना सफेद हाथी।
छौराही बेगूसराय।
प्रखंड परिसर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब केवल सफेद हाथी बनकर रह गया है। एक तरफ बिहार सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था के पीछे अपनी ताकत जनता को स्वास्थ्य सुविधा मोह मुहैया कराने को लेकर दावा कर रही है। तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य व्यवस्था लचर हो रही है। शनिवार को अमारी गांव निवासी रेखा कुमारी अपने पुत्री को लेकर अस्पताल में इलाज और जांच के लिए ठोकरे खा रही थी। दिव्यांग डॉक्टर महिला की मां हेल्पर की काम कर रही थी। स्वास्थ्य केंद्र हेल्पर के सहारे चल रहा है। एक्स-रे मशीन हफ्तों से बंद पड़ा है। लैब में सीवीसी का जांच नहीं हो रहा है। केवल खाना पूर्ति किया जा रहा है। उक्त महिला ने आप प्रभारी पर लगाते हुए कहा कि मरीज को अमली जामा पहनाने का काम किया जाता है। यहां केवल इलाज के नाम पर मरीज को परेशान किया जाता है। डॉक्टर से लेकर डाटा ऑपरेटर तक 14 वर्षों से एक जगह कार्यरत यहां है। जिसका खामिया जा मरिज भुगत रहा है। उक्त महिला ने जिला प्रशासन से इसकी व्यवस्था सुधारने और 14 वर्षों से एक जगह कार्यरत डॉक्टर और करमी को यहां से ट्रांसफर करने एवं स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है।
एक्स-रे ऑपरेटर निशांत जैन ने पत्रकारों को बताया कि मशीन खराब है मेरी इसमें क्या गलती है। वही सुधीर कुमार लैब कर्मी ने जानकारी देते बताया कि ठेकेदार बदल गया है जब दूसरे का ठेका होगा फिर सीबीसी का लैब में टेस्ट शुरू किया जाएगा। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर कमलेश कुमार कुछ भी बताने से इनकार किया। सिविल सर्जन अशोक कुमार ने दूरभाष पर पत्रकारों को बताया कि आप से जानकारी मिली है प्रभारी से बात करते हैं। व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।



