सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुरियन जोसेफ ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के अधिकारों और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को किसी व्यक्ति के तौर पर विशेष अधिकार नहीं मिलने चाहिए, क्योंकि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, न कि किसी एक व्यक्ति का संगठन। उनके मुताबिक, संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को व्यक्तिगत शक्ति के बजाय संस्थागत जिम्मेदारी और अधिकारों के महत्व को समझना चाहिए। जस्टिस जोसेफ ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत संवैधानिक सुरक्षा उपायों की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और उनकी सेवा शर्तों को केवल संसदीय कानूनों पर निर्भर रखने के बजाय संवैधानिक प्रावधानों के माध्यम से अधिक सुरक्षा दी जानी चाहिए। उनकी ये टिप्पणियां चुनाव आयोग की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी भूमिका को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आई हैं।