रांची: झारखंड की धरती भाजपा की बपौती नहीं, यह बात झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर पलटवार करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले झारखंड के इतिहास और यहां के लोगों के संघर्ष को समझना चाहिए, फिर झारखंडियों को उपदेश देने पर विचार करना चाहिए।
झारखंड की धरती भाजपा की बपौती नहीं: विनोद पांडेय का पलटवार
विनोद पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड का एक-एक कोना झारखंडियों का है। इस मिट्टी में हमारे वीर पुरखों का खून-पसीना बहा है। बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो, दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन समेत अनगिनत वीरों और क्रांतिकारियों के बलिदान से यह राज्य हासिल हुआ है। झारखंड की माताओं-बहनों ने अपने परिवार, अपना सुहाग और अपने बच्चों को इस राज्य के आंदोलन में न्योछावर किया है। ऐसे में बाहर बैठकर झारखंड की संपदा और अधिकारों पर फैसला सुनाने वालों को झारखंडियों के संघर्ष का अपमान करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए।
कॉरपोरेट हितों की जी-हुजूरी बंद करे भाजपा
झामुमो महासचिव ने आरोप लगाया कि भाजपा को झारखंड की खनिज संपदा और यहां के लोगों के हित की चिंता नहीं, बल्कि कॉरपोरेट महाजनों के हितों की चिंता है। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट महाजनों की जी-हुजूरी कर झारखंडियों का अपमान करना बंद करें। झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार झारखंड और झारखंड की जनता का है। इस संदर्भ में झारखंड का इतिहास गवाह है कि यहां के संसाधनों पर स्थानीय समुदाय का हक रहा है।
एमएमडीआर कानून पर भाजपा से सवाल
विनोद पांडेय ने कहा कि एमएमडीआर कानून को लेकर भाजपा नेताओं को जनता को भ्रमित करने के बजाय यह बताना चाहिए कि इस कानून के लागू होने से झारखंड को खनिज संपदा पर मिलने वाले अधिकारों और राजस्व पर क्या असर पड़ेगा। राज्य सरकार इसी सवाल को केंद्र के सामने मजबूती से उठा रही है। झामुमो का आंदोलन किसी दल के खिलाफ नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकार और राज्य के हित की लड़ाई है।
केंद्र सरकार से जवाब मांगा
झामुमो महासचिव ने कहा कि भाजपा नेता राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पहले अपने केंद्र की सरकार से पूछें कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के हितों की रक्षा कैसे होगी। झारखंड की जनता सब देख रही है और उसे यह भी मालूम है कि कौन झारखंड के अधिकारों की बात कर रहा है और कौन खनिज संपदा के सवाल पर कॉरपोरेट हितों के साथ खड़ा है।
झामुमो पीछे नहीं हटेगा
उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितना भ्रम फैलाए, झामुमो झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। झारखंड की संपदा झारखंड के विकास और झारखंडियों के अधिकार के लिए है, किसी कॉरपोरेट घराने की सुविधा के लिए नहीं। यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक झारखंड के लोगों को उनका वाजिब हक नहीं मिल जाता।
इस बयान के बाद झारखंड की राजनीति में गरमाहट आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विनोद पांडेय के इस तेवर से साफ है कि झामुमो आगामी चुनावों में जल-जंगल-जमीन के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगा। भाजपा की ओर से अभी तक इस पलटवार पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।



